Home Uncategorized पद्मावती के खिलाफ पटना में महाधरना, बिहार में रिलीज नहीं होने देंगे पद्मावती: क्षत्रिय समन्वय समिति Lokmat Live

पद्मावती के खिलाफ पटना में महाधरना, बिहार में रिलीज नहीं होने देंगे पद्मावती: क्षत्रिय समन्वय समिति Lokmat Live

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पटना : फिल्म पद्मावती के परदे पर उतरने  पूर्व विभिन्न समुदायों द्वारा विरोध प्रदर्शन के चलते संजय लीला भंसाली और उनकी टीम पर दबाव बढ़ता जा रहा है। 

आज पटना में फ़िल्म पद्मावति के विरोध में गर्दनीबाग में महाधरना का आयोजन किया गया 

महाशती रानी पद्मावती पर बनी फिल्म के निर्माता एवं निदेशक संजय लीला भंसाली के निदेशन में बनाये गए विवादित फिल्म “पद्मावती”  से जुड़े अनेकों दृश्यों पर पूरे भारतवर्ष से हिन्दुओं खासकर राजपूतों का राष्ट्र व्यापी विरोध एक जनांदोलन का रुप ले लिया है।इसी क्रम में बिहार में संचालित सभी राष्ट्रीय एवम राजकीय क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों से गठित क्षत्रिय समन्वय समिति द्वारा आज गर्दनीबाग , पटना में शान्तिपूर्ण धरना देकर मुख्यमंत्री एवं महामहिम बिहार के समक्ष अपनी माँग रखा गया कि इस आपतीजनक फिल्म को बिहार में प्रदर्शित करने पर पूर्णरूपेण रोक लगाई  जाय ।

धरने का अध्यक्षता रविन्द्र सिंह, मृत्युंजय सिंह,डॉ समरेंद्र सिंह,नागेंद्र सिंह,डॉ विजय राज,ई रविंद्र सिंह,राणा सिंह,विशाल सिंह, एवं माधवी सिंह के अध्यक्ष मंडल ने संयुक्त रूप से किया इस मौके पर सौरभ सागर ,चंदन सिंह,अभिषेक सिंह,धनबंत सिंह राठौर ,विजया सिंह,सुधा राठौर ,आशुतोष राजपूत,निशा सिंह संतोष परमार आदि उपस्थित रहे!!
 मौके पर संचालन कर्ता मनीष सिंह ने कहा कि क्षत्रिय का इतिहास राष्ट्र गौरव का विषय है और हम अपने इतिहास के साथ छेड़ छाड़ बर्दास्त नहीं करेंगे , माननीय मुख्यमंत्री बिहार में इस फिल्म के प्रदर्शन पर  प्रतिबंध लगाएँ । माता पद्मावती के सम्मान में जरूरत पड़ने पर हम जेल जाने से भी पीछे नही हटेंगे ।

धरना को संबोधित करते हुए विभिन्न लोगो ने कहा कि भारतीय हिन्दू संस्कृति में पतिव्रता और साहसी स्त्रियों में महासती पद्मावती का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है।भारत और राजस्थान के केशरिया ध्वजवाहक  हिन्दू , राजपूताने  के गौरवशाली इतिहास को कलंकित कर इस फिल्म के द्वारा सस्ती लोकप्रियता हासिल कर ज्यादा से ज्यादा धन उगाही का माध्यम बनाने की असफल प्रयास की जा रही है।  ऐसे कृत्यों से भारतीय इतिहास निश्चितरूपेन कलंकित होगा ।
फिल्म के विवादित होने की प्रमाणिकता सिर्फ इस बात से सिद्ध होती है कि देश्वयापि आंदोलन उग्र होने के बावजूद भी  अभी तक फिल्म के निर्माता सह निदेशक द्वारा कोई खंडन या स्पष्टीकरण नही दिया गया है।इन्ही कारणों से पुरे भारतवर्ष के क्षत्रिय स्वाभिमान पर ठेस पहुँची है और क्षत्रियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रजातान्त्रिक तरीके से इस फिल्म,भंसाली एवम उनके पक्षकारों का विरोध कर फिल्म के  बिहार में प्रदर्शन पर रोक लगाने  का निश्चय किया है।

     सर्वधर्म समभाव की धरा हिन्द में उसके अपने ही वंशजों द्वारा  ऐतिहासिक वीरांगनाओं , माताओं के चरित्र का गलत चित्रण कर बनाये इस विवादित एवं आपतीजनक फिल्म “पद्मावती” के प्रदर्शन पर राजस्थान की तरह बिहार में भी पूर्ण रोक लगाई जाय।यह भी निश्चित है कि यदि सरकार के स्तर से इसके प्रदर्शन पर पूर्ण रोक नहीं लगाई जायेगी तो हम क्षत्रिय अपने मान सम्मान के रक्षा के लिय हरेक कुर्बानी देने को तैयार है जिससे हुई क्षति की पूर्ण  जिम्मेदारी सरकार ,  प्रशासन ,फिल्म निर्माता एवं सिनेमा हाल के संचालन कर्ताओं  की होगी ।

अगले कार्यक्रम की रूपरेखा भी तय की गई जो निम्नवत है –
1) 13 नवम्बर को जिला मुख्यालयों पर भंसाली का पुतला दहन कर्यक्रम ।
2)भाजपा एवं जदयू के जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यालय पर मिलकर ज्ञापन दिया जाना ।
3)भाजपा एवं जदयू के मंत्रियों को उनके क्षेत्र के क्षत्रियों द्वारा सशर्त दबाव बनाना कि बिहार में इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाय अन्यथा क्षत्रिय समाज वैसे तटस्थ राजनेता के निर्वाचन में उनके विरुद्ध मतदान करने की मुहीम चलायेगा ।

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