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प्रदेश के 15 लाख किसानों को केसीसी देगी बिहार सरकार :सुशील मोदी Lokmat Live

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15 लाख नए किसानों को मिलेगा केसीसी-सुशील मोदी

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 62 वीं समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री सह वित मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रबी मौसम में सघन अभियान चला कर इस साल 15 लाख नए किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया जायेगा। बैंकों को बिहार के कुल 61 लाख क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने का निर्देष दिया गया है। ऋण देने में कोताही बरतने वाले बैंकों से सरकारी लेन-देन नहीं की जायेगी। नए सिरे से बैंकों की ग्रेडिंग व रेटिंग तय की जायेगी। इस साल 1.10 लाख करोड़ के ऋण के लक्ष्य के विरुद्ध पहली छहमाही में बैंकों ने 4,6816 करोड़ यानी करीब 43 प्रतिषत ऋण बांटा है।

बिहार में स्वयं सहायता समूह का काम काफी संतोषजनक है। 6 लाख 90 हजार समूह बने हैं जिनमें से 5 लाख का खाता खोला जा चुका है। समूह को बैंकों ने 3700 करोड़ का ऋण दिया है जिनकी वसूली दर 98 प्रतिषत है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने वाले आमतौर पर गरीब तबके के लोग होते हैं।
सभी बैंकों को निर्देश  दिया गया है हर 10 बैंक की शाखा पर एक आधार केन्द्र खोलें। 31 दिसम्बर तक 542 आधार केन्द्र बैंक शाखाओं में खोला जाएगा। 32 लाख मनरेगा मजूदरों के खाते को आधार से लिंक करना है। अभी मात्र 24 प्रतिशत खाते को ही आधार से जोड़ा जा सका है। इसके अलावा सरकार की तमाम योजनाओं के लाभुकों के खातों को आधार से जोड़ कर डीबीटी के जरिए ही उन्हें राशि  दी जा रही है।

प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बिहार में 3 करोड़ 97 लाख खाते खोले गए हैं जिनमें 236 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति व पेंशन योजना से 67 लाख लोग जुड़े हैं। राज्य के 6521 छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जबकि कुल 33295 छात्रों को शिक्षा ऋण स्वीकृत किया गया है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत एक हजार लोगों के ऋण मंजूर किए गए हैं।
डिजिटल लेन देन को बढ़ावा देने का बैंकों को निर्देश  दिया गया। पूरे देश  में इस साल 2500 करोड़ के डिजिटल लेन देने का लक्ष्य है जबकि बिहार का टारगेट 148 करोड़ है। बैंकों को नीचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक का तंत्र विकसित करने का निर्देश  दिया गया। सरकारी विभागों के बैंक खातों की समीक्षा के बाद संख्या कम की जायेगी। इसके लिए सभी विभागीय प्रमुखों से वित विभाग ने खातों के डिटेल्स मांगे हैं।

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