Home Uncategorized देश में नोटबन्दी एक विनाशकारी आर्थिक नीति: मनमोहन सिंह

देश में नोटबन्दी एक विनाशकारी आर्थिक नीति: मनमोहन सिंह

1 second read
नई दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबन्दी को एक विनाशकारी आर्थिक नीति बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की और कहा था कि इससे काले धन, नकली मुद्रा, भ्रष्टाचार और आतंकवादियों के वित्त पोषण पर रोक लगेगी। हालांकि बाद में उन्होंने यह कहा कि इसका उद्देश्य नकदी लेन-देन को कम करने तथा अर्थव्यवस्था को डिजिटल भुगतान की तरफ ले जाना है।

इस पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि यह लक्ष्य प्रशंसनीय हैं लेकिन सरकार को आर्थिक प्राथमिकताओं को दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह साफ नहीं है कि नकदीरहित अर्थव्यवस्था का लक्ष्य छोटे उद्योग को बड़ा बनाने में सक्षम होगा ही जबकि यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने ब्लूमबर्गक्विंट डॉट कॉम को दिए इंटरव्यू में कहा, नोटबंदी एक विनाशकारी आर्थिक नीति साबित होने जा रही है। इसके कारण कई तरह की आर्थिक, सामाजिक, प्रतिष्ठात्मक और संस्थागत क्षति हुई है। जीडीपी का गिरना आर्थिक नुकसान का महज एक संकेतक है। इससे हमारे समाज के गरीब तबकों तथा व्यापार पर जो असर हुआ है, वह किसी आर्थिक सूचक की तुलना में कहीं अधिक हानिकारक है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, नोटबंदी का असर तुरंत नौकरियों पर पड़ा है। हमारे देश की तीन चौथाई गैर-कृषि रोजगार छोटे और मझोले उद्यमों के क्षेत्र में हैं। नोटबंदी से इस क्षेत्र को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इससे नौकरियां तो चली गईं लेकिन नई नौकरियां पैदा नहीं हो रहीं।

और साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मैं नोटबंदी के दीर्घकालिक असर के बारे में चिंतित हूं। हालांकि जीडीपी में हाल की गिरावट के बाद सुधार दिख रहा है। हमारे आर्थिक विकास की प्रकृति के लिए बढ़ती असमानता एक बड़ा खतरा है। नोटबंदी इसे बढ़ा सकती है, जिसे भविष्य में सुधारना कठिन होगा।
नोटबन्दी पर सलाह देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी से यह भारी गलती स्वीकारने के लिए कहा और साथ ही अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए आम सहमति की दिशा में काम करने की सलाह दी।

Load More Related Articles
Load More By Ashish Ranjan
Load More In Uncategorized

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Check Also

बलिदान दिवस पर याद की गईं रानी लष्मी बाई और रानी दुर्गावती

 अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा प्रदेश कार्यालय पर रानी लष्मी बाई और रानी दुर्गावती का…