Home बिहार बक्सर डीएम के ओएसडी व भू-अर्जन पदाधिकारी तौकीर अकरम ने की आत्महत्या, सीएम ने दिए जांच के आदेश

बक्सर डीएम के ओएसडी व भू-अर्जन पदाधिकारी तौकीर अकरम ने की आत्महत्या, सीएम ने दिए जांच के आदेश

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बिहार(बक्सर) : बक्सर डीएम के ओएसडी व भू-अर्जन पदाधिकारी ने की आत्महत्या। सुसाइड नोट में मिला – No one is to we held responsible , my own wish to meet death. तौकीर की माँ ने लगाया वर्क प्रेशर का आरोप, 7 माह से मिल रहा था आधा वेतन। सूबे के मुख्यमंत्री ने तौकीर अकरम की मौत की जांच का दिया निर्देश।

बक्सर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा के ओएसडी तौकीर अकरम ने रविवार को सुबह 4:30 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। तौकीर अकरम बिहार प्रशाशनिक सेवा के 45वें बैच के अधिकारी हैं। मूल रूप से तौकीर मध्यप्रदेश के जबलपुर के निवासी हैं। तौकीर की पत्नी छपरा की रहने वाली हैं। चार दिन पहले वे अपने मायके छपरा गयी थीं। तौकीर चरित्रवन स्थित वीर कुंवर सिंह कॉलोनी में एक किराये के फ्लैट में माता-पिता के साथ रहते थे। घटना के समय घर में माता-पिता के अलावा कोई नहीं था।
सुबह देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर माता-पिता ने दरवाजा खोलता तो बेटे को पंखे से झूलते पाया। रोते-बिलखते सबको सूचना दी। दिनभर प्रशासनिक हल्के में हड़कंप मचा रहा। विदित हो कि 10 अगस्त को बक्सर के ही तत्कालीन डीएम मुकेश पांडेय ने भी गाजियाबाद में खुदकुशी कर ली थी। हालांकि सुसाइड नोट में तौकीर अकरम ने किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
ऐसे में अब यहाँ सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर क्या वजह है कि बक्सर में कुछ माह पहले डीएम ने आत्महत्या किया था। अब वही डीएम अरविंद कुमार वर्मा के ओएसडी तौकीर अकरम ने आत्महत्या कर ली। आपको बता दें कि दोनों के सुसाइड नोट में एक ही जैसा लिखा मिला कि , मैं अपने आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा।
तौकीर की आत्महत्या में दफन है कई अहम राज। आमजन भी नहीं पचा पा रहे हैं आत्महत्या की बात, कई अनसुलझे राज की चर्चा तेज।

तौकीर के दोस्तों का कहना है , दूसरों को हिम्मत बंधाने वाला खुद ऐसा नहीं कर सकता है। वहीं नजदीकी लोगों को भी उनके इतना बड़ा कदम उठाने की मुफीद वजह नहीं दिख रही है। गत कई माह से आधा वेतन मिलना, फिर पूरी तरह बंद हो जाना, कार्य का अत्यधिक दबाव होना या फिर शादी के दस साल से भी ज्यादा होने पर संतान नहीं होने की बात उनके अपने खुद उठा रहे थे और फिर नकार दे रहे थे। एक बात पर सभी एकमत थे कि यदि जांच फाइलों में नहीं उलझाई गई तो कई धमाकेदार खुलासे जरूर होंगे।
माँ नरगिस ने रोते हुए बताया कि बेटे पर काम का अत्यधिक बोझ था

माँ का आरोप है कि तौकीर बराबर वर्क प्रेशर का जिक्र करते थे। बक्सर डीएम के ओएसडी के साथ व जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के प्रभार में भी थे। तौकीर के पास पटना-बक्सर फोर लेन के लिए भूमि अधिग्रहण की भी जिम्मेदारी थी। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पता चला कि 7 माह से उन्हें आधा वेतन पर काम करना पड़ रहा था।
पटना-बक्सर फोरलेन में किसी रैयती किसान के भुगतान में विवाद को लेकर कोर्ट ने मामला सुलझने तक उनके आधे वेतन के भुगतान पर भी रोक लगा दी थी।
सीएम ने डीएम अरविंद कुमार वर्मा के ओएसडी तौकीर अकरम की मौत की जांच का दिया निर्देश

सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर डीएम के ओएसडी तौकीर अकरम की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस मामले की जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि तौकीर अकरम की मौत हृदयविदारक घटना है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। इस हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह व गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुहबानी से बात की और सम्पूर्ण मामले की जांच का दिया निर्देश
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