Home देश फाइटर जेट से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लांच करने वाला भारत पहला देश, चीन और पाक की नींद उड़ाई

फाइटर जेट से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लांच करने वाला भारत पहला देश, चीन और पाक की नींद उड़ाई

27 second read

भारत ने बुधवार को लड़ाकू विमान से ब्रहमोस मिसाइल का सफल परीक्षण कर इतिहास रच दिया। सुखोई-30 MKI फाइटर जेट से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल लांच करने वाला पहला देश। ब्रह्मोस की रफ्तार ध्वनि से लगभग तीन गुनी ज्यादा है। ब्रह्मोस  नाम भारत की ‘ ब्रह्मपुत्र ‘ नदी और रूस की ‘ मस्कवा ‘ को मिलाकर रखा गया है। इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को जल , थल , और नभ तीनों स्थानों से दागी जा सकती है। ब्रहमोस भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिया का संयुक्त उद्यम है। यह मिसाइल कम उचाई पर उड़ान भर्ती है , इसलिए रडार की पकड़ में नहीं आती। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रहमोस मिसाइल का सफल परीक्षण पर खुशी जाहिर की। नरेंद्र मोदी ने कहा ‘ मैं ब्रहमोस मिसाइल के सुखोई विमान से लांच किए जाने पर प्रसन्नता महसूस कर रहा हूँ। इस उल्लेखनीय उपलब्धि में शामिल रहे सभी लोगों को बधाई।

दुश्मन की सीमा में घुसकर लक्ष्य भेदने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल का सुखोई फाइटर जेट से बुधवार को सफल परीक्षण किया गया। आवाज की गति से करीब तीन गुना अधिक यानी 2.8 माक की गति से हमला करने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल का पहली बार सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट से परीक्षण किया गया। फाइटर जेट से मार करने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल के इस परीक्षण को ‘डेडली कॉम्बिनेशन’ कहा जा रहा है। हवा से जमीन पर मार करने वाले ब्रह्मोस मिसाइल का दुश्मन देश की सीमा में स्थापित आतंकी ठिकानों पर हमला बोलने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 

यह मिसाइल अंडरग्राउंड परमाणु बंकरों, कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर्स और समुद्र के ऊपर उड़ रहे एयरक्राफ्ट्स को दूर से ही निशाना बनाने में सक्षम है। बीते एक दशक में सेना ने 290 किलोमीटर की रेंज में जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल को पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। ब्रह्मोस मिसाइल के लिए 27,150 करोड़ रुपये के ऑर्डर दिए गए हैं। इसके लिए सेना, नेवी और इंडियन एयर फोर्स ने अपनी रुचि दिखाई है। 


जून, 2016 में भारत के 34 देशों के संगठन मिसाइल टेक्नॉलजी कंट्रोल रिजीम का हिस्सा बनने के बाद अब मिसाइलों की रेंज की सीमा भी अब खत्म हो चुकी है। ऐसे में अब सशस्त्र बल ब्रह्मोस के 450 किलोमीटर रेंज तक मार करने वाले वर्जन के परीक्षण की तैयारी में हैं। एमटीसीआर की सदस्यता मिलने के बाद भारत 300 किलोमीटर की रेंज वाली मिसाइलों को तैयार करने में सक्षम होगा। फिलहाल ब्रह्मोस मिसाइल के हाइपरसोनिक वर्जन को तैयार करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं, जो माक 5 की स्पीड से उड़ान भरने में सक्षम होगी।

दागने के बाद टारगेट बदला तो भी नहीं छोड़ेगी ब्रहमोस

ब्रह्मोस ऐसी मिसाइल है, जो दागे जाने के बाद भी रास्ता बदलने में सक्षम है। लक्ष्य तक पहुंचने के दौरान यदि टारगेट मार्ग बदल ले तो मिसाइल भी अपना रास्ता बदल लेती है।

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ को बधाई देते हुए इस विश्व रिकॉर्ड को जिक्र अपने ट्वीट में भी किया। 
Load More Related Articles
Load More By Ashish Ranjan
Load More In देश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Check Also

बलिदान दिवस पर याद की गईं रानी लष्मी बाई और रानी दुर्गावती

 अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा प्रदेश कार्यालय पर रानी लष्मी बाई और रानी दुर्गावती का…