Home बिहार कोसी कूटनीति शिखर सम्मेलन युवाओं के विचारों को मंच देगा, जुटेंगे नामचीन विद्वान

कोसी कूटनीति शिखर सम्मेलन युवाओं के विचारों को मंच देगा, जुटेंगे नामचीन विद्वान

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बिहार ( सहरसा ): युवाओं में राजनीतिक एवं सामाजिक चेतना जागृत करने तथा उनके विचारों को प्रभावी मंच प्रदान करने के उद्देश्य से मई माह में सहरसा में कोसी कूटनीति शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में कोसी, सीमांचल, मिथिलांचल के छात्र व युवा लेंगे भाग। इस शिखर सम्मेलन में दो दिवसीय कार्यक्रम में कई सत्र आयोजित होंगे। विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर युवा रखेंगे अपनी राय। मैथिली भाषा के प्रभाव एवं प्रसार पर भी एक विशेष सत्र होगा।
बिहार के कोसी सीमांचल का इलाका विभिन्न दृष्टिकोण से पिछड़ा हुआ है। उद्दोग धंधे तो दूर मूलभूत सुविधाओं का भी घोर अभाव है। इलाके के विकास के लिए सरकारी कार्ययोजना के साथ युवाओं की भूमिका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आयोजन समिति से जुड़े अभिनव नारायण झा ने बताया कि आज देश में युवाओं की आबादी सबसे अधिक है। जिसकी राष्ट्रनिर्माण में अहम भूमिका है।
अभिनव नारायण झा कौन हैं, आइये जानते हैं
अभिनव नारायण झा की उम्र 20 साल है। अभिनव नारायण एमिटी स्कूल ऑफ लॉ से एलएलबी कर रहे हैं। वह तृतीय वर्ष के छात्र हैं। अभिनव के नेतृत्व में पटना में युवा संसद आयोजित किया गया था जिसमें विभिन्न जिलों से सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया था। अभिनव ने अपने दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत कोशी क्षेत्र में जनजागरण का बीड़ा उठाया है। सहरसा में संसद की तर्ज पर युवाओं का सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं जिसमें देश की विभिन्न समस्याओं पर युवा अपनी राय रखेंगे। इसका नाम है कोसी कूटनीति शिखर सम्मेलन। आगे उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन से सामने आए विचारों को राज्य एवं केंद्र सरकार को प्रस्ताव के रूप में भेजा जाएगा।  
अभिनव नारायण झा के साथ सोमू आनंद भी आयोजन समिति से जुड़े हुए हैं। 
दोनों ने मिलकर कोसी कूटनीति शिखर सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया है। अभिनव और सोमू ने बताया कि आज देश में युवाओं की आबादी सबसे अधिक है, जिसकी राष्ट्रनिर्माण में अहम भूमिका है। नीति निर्धारण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु संसद की तर्ज पर ऐसे आयोजन बड़े शहरों में होते रहते हैं लेकिन ग्रामीण एवं छोटे शहर के युवाओं को अपने विचार प्रकट करने का मंच नहीं मिल पाता था। जिसे देखते हुए सहरसा में अगले वर्ष मई महीने में कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
सम्मेलन में लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा एवं सर्वदलीय बैठक की तर्ज पर वर्तमान समय के ज्वलंत मुद्दों पर युवा अपनी-अपनी राय रखेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी, ग्रामीण भारत के उत्थान की कार्ययोजना, कृषक जीवन, कृषि समस्या, नारी सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। 
मैथिली भाषा के प्रभाव एवं प्रसार पर विशेष सत्र
कार्यक्रम में मैथिली भाषा के प्रभाव एवं प्रसार पर परिचर्चा के लिए एक विशेष सत्र आयोजित होगा। जिसमें मैथिली भाषा के युवा साहित्यकारों को आमंत्रित किया जाएगा। जिससे वो बदलते परिवेश में मैथिली भाषा की प्रासंगिकता एवं तकनीक के सहारे प्रसार के बारे में युवाओं से चर्चा करें। 
विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले ऐसे लोग जिन्हें अभी तक क्षेत्र नहीं जान पाया है अथवा ऐसे लोग जिनके काम से पूरे समाज को लाभ पहुँच रहा है उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। सम्मेलन में संबंधित विषयों के विद्वान, केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रतिनिधि, नौकरशाह एवं पत्रकारों को आमंत्रित किया जाएगा।
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