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2018 में आपके लिए क्या होगा खास 2018 में क्या होगा बड़ा जान लीजिए अभी लोकमत लाइव स्पेशल में

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नए साल की शुरुआत में बस दो दिन बचे हैं.

👉 लोकमत लाइव स्पेशल  में 2018 में आपके लिए क्या होगा खास. 2018 में क्या होगा बड़ा, जान लीजिए अभी.

शुरुआत रोज रंग बदलने वाली राजनीति की दुनिया से. नए साल में बीजेपी और कांग्रेस के सामने नई चुनौतियां सामने खड़ी हैं.

👉 बीजेपी की नजर उन आठ राज्यों पर है जहां 2018 में चुनाव होने हैं. 2018 में जिन बड़े राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं. इसके अलावा नागालैंड, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में भी विधानसभा चुनाव होंगे.

 

इन 8 राज्यों में से 4 यानी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और नागालैंड में अभी एनडीए की सरकार है. जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ 3 राज्य कर्नाटक, मिजोरम और मेघालय हैं.

👉 2018 में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है कर्नाटक समेत 3 राज्यों में अपनी सरकार बचाना हैं, क्योंकि देश में अब सिर्फ 5 राज्यों में ही कांग्रेस बची है.

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाला एनडीए 19 राज्यों पर कब्जा कर चुका है. ऐसे में 2019 की बड़ी जंग से पहले 2018 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए आखिरी मौके जैसा है.

2014 में 44 सीटों पर सिमट चुकी कांग्रेस को अपनी स्थिति सुधारने का एक मौका 2018 में मिलने वाला है.

👉 इस साल लोकसभा की 8 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. इनमें जम्मू कश्मीर में अनंतनाग, राजस्थान की अजमेर, अलवर, यूपी की गोरखपुर, फूलपुर, पश्चिम बंगाल की उलुबेरिया, बिहार की अररिया और महाराष्ट्र की भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट शामिल है.

 👉 इन 8 सीटों में से 5 सीटें अभी तक बीजेपी के खाते में थीं, जबकि कांग्रेस के पास इनमें से एक भी सीट नहीं है. संख्या बल के मामले में लोकसभा में विपक्ष पर हावी एनडीए राज्यसभा में कमजोर पड़ जाता है. ऐसे में 2018 में एनडीए को राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ाने का एक बड़ा मौका मिलने वाला है.

👉 2018 में राज्यसभा के 65 सदस्य रिटायर हो रहे हैं यानी राज्यसभा की 65 सीटों के लिए चुनाव होंगे. अभी राज्यसभा में एनडीए के 78 और यूपीए के 74 सांसद हैं. राज्यों के मौजूदा गणित के मुताबिक 2018 में एनडीए की 11 सीटें बढ़ सकती हैं जबकि यूपीए को इतना ही नुकसान हो सकता है. यानी एनडीए राज्यसभा में यूपीए से ज्यादा ताकतवर हो जाएगा.

राज्यसभा में एनडीए के ताकतवर होने का सीधा मतलब है की सरकार के लिए किसी भी कानून को पास कराना आसान हो जाएगा. जैसे तीन तलाक को खत्म करने वाला बिल लोकसभा में पास हो गया है और अब राज्यसभा में इस पर बहस होनी है. सरकार का दावा है कि वो इस बिल को राज्यसभा में भी पास करा लेगी. अगर ऐसा हुआ तो ये 2018 में बनने वाला पहला कानून होगा.

साल 2018 में अदालतों से कई बड़े फैसले भी सामने आएंगे जिनसे राजनीति से लेकर देश की दशा-दिशा तक बदल जाएगी.

👉 रामजन्म भूमि विवाद फैसला:

8 फरवरी से सुप्रीम कोर्ट रोजाना इस पर सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट में 5 दिसंबर को सुनवाई शुरू हुई थी लेकिन मुस्लिम पक्षकारों के वकील कपिल सिब्बल और कुछ दूसरे वकीलों ने दस्तावेजों का अनुवाद पूरा न होने की दलील दी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 8 फरवरी तक के लिए टाल दी थी.

30 सितंबर 2010 को अयोध्या राम मंदिर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया था. हाई कोर्ट ने विवादित जगह पर मस्ज़िद से पहले हिन्दू मंदिर होने की बात मानी थी. हाईकोर्ट ने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांट दिया था. एक हिस्सा रामलला विराजमान दूसरा हिस्सा निर्मोही अखाड़ा और तीसरा हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच 3 बराबर हिस्सों में बांटने का आदेश दिया था. जिसके खिलाफ सभी पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.

👉 अंतर्राष्ट्रीय अदालत में कुलभूषण जाधव पर फैसला:

पाकिस्तान की जेल में झूठे आरोपों में मौत की सजा पाए देश के सपूत कुलभूषण जाधव के लिए नए साल का पहला हफ्ता बेहद अहम है. कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तानी की ज्यादती के खिलाफ भारत अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में केस लड़ रहा है, जहां पर जनवरी में ही सुनवाई होनी है.

पाकिस्तान ने 3 मार्च 2016 को कुलभूषण जाधव को जासूसी के झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया था. 10 अप्रैल को पाकिस्तान ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी, जिसे पर 18 मई को अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने रोक लगा दी थी.

हाल ही में पाकिस्तान ने जाधव से उनकी मां और पत्नी की इस्लामाबाद में मुलाकात करवाई. लेकिन मुलाकात के लिए जो तरीका पाकिस्तान ने अपनाया वो बेहद ही अपमानजनक था.

👉 लालू को कितने साल की सजा:

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि उन्हें कितने साल की सज़ा मिलेगी. चारा घोटाले के एक और केस में दोषी करार दिए गए लालू के लिए 3 जनवरी की तारीख अहम है. रांची की जेल में बंद लालू यादव 3 तारीख का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इसी दिन उनके खिलाफ सजा का एलान होगा.

23 दिसंबर को रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने लालू यादव को चाईंबासा कोषागार से 89 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया. ये केस भी चारा घोटाले के कई केसों में एक है.

950 करोड़ के चारा घोटाले के एक केस में लालू यादव को साल 2013 में 5 साल की सजा मिल चुकी है. जिसकी वजह से उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगी हुई है. उस केस में लालू यादव को जमानत मिली हुई है.

👉 आधार कार्ड का क्या होगा:-

आधार कार्ड की वैधता पर भी जनवरी में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ इस केस की सुनवाई कर रही है.

अगस्त 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने निजता को मौलिक अधिकार बताया था. आधार योजना को चुनौती देने वालों की दलील है कि आधार कार्ड के लिए बायोमेट्रिक जानकारी लेना निजता के अधिकार का उल्लंघन है.

👉 केरल लव जिहाद केस पर फैसला:

केरल लव जिहाद केस में भी सुप्रीम कोर्ट में साल 2018 में फैसला आएगा. केरल की रहने वाली हदिया उर्फ अखिला के पिता का आरोप है कि उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया. फिर साजिश के तहत उसकी शादी मुस्लिम लड़के शफीन जहान से की गई. 25 मई को हाईकोर्ट ने हदिया और शफीन का निकाह रद्द कर दिया था.

NIA ने इस शादी को जिहादी तत्वों की बड़ी साजिश का एक हिस्सा बताया है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने हदिया को पढ़ाई पूरी करने के लिए कॉलेज वापस भेज दिया है. अब सुप्रीम कोर्ट से हदिया-शफीन की शादी की वैधता पर फैसला आना है.

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