Home बिहार ​मुस्लिम महिलाओं की मुक्ति का वर्ष रहा 2017 :सुशील मोदी

​मुस्लिम महिलाओं की मुक्ति का वर्ष रहा 2017 :सुशील मोदी

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पटना:भाजपा के प्रदेश  कार्यालय में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’कार्यक्रम का रेडियो पर प्रसारण सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बैन लगाने, लोकसभा से बिल पास होने और अकेली मुस्लिम महिला को हज यात्रा की अनुमति देने की वजह से गुजरा साल 2017 देश  की मुस्लिम महिलाओं के लिए मुक्ति का वर्ष रहा।


अभी तक कोई मुस्लिम महिला किसी पुरुष के साथ ही हज यात्रा पर जा सकती थी मगर भारत सरकार की पहल पर 1300 मुस्लिम महिलाओं को अकेली हज यात्रा की अनुमति मिली है इनमें बड़ी संख्या में बिहार सहित अन्य प्रदेशो  की महिलाएं हैं। अकेली हज यात्रा के लिए आवेदन देने वाली मुस्लिम महिलाओं को लाॅटरी की व्यवस्था से भी छूट दी गई है। श्री मोदी ने अपील की कि सभी धर्मों की महिलाएं अपने-अपने धर्मों की कुरीतियों को तोड़ने के लिए आगे आएं तथा राजनीतिक दल एकमत होकर राज्यसभा में तीन तलाक के खिलाफ बिल को पारित करें।

श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में पहली बार मतदाता बने युवाओं पर जोर दिया। इक्कीसवीं सदी के पहले वर्ष 2000 में जन्म लेने वाले युवक और युवतियां 2018 में भारत के नए मतदाता होंगे। उन्होंने ऐसे सभी बालिग हुए युवा और युवतियों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराएं। भाजपा युवा मतदाताओं का जगह-जगह सम्मेलन आयोजित कर 2022 में पूरा किए जाने वालों संकल्पों और कैसा हो उनके सपनों का भारत पर उनका साकारात्मक विचार जानेगी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता के स्तर की उपलब्धियों के आकलन के लिए आगामी 4 जनवरी से 10 मार्च के बीच होने वाले ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2018’ में बिहार के शहरों की भी हिस्सेदारी होगी और उम्मीद है कि पहले की तुलना में नगर निकायों का बेहतर प्रदर्शन  होगा।

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