Home देश 6 जवान शहीद: देश बोल रहा है पाकिस्तान नहीं सुधरेगा,बड़ा इलाज करना होगा Lokmat Live

6 जवान शहीद: देश बोल रहा है पाकिस्तान नहीं सुधरेगा,बड़ा इलाज करना होगा Lokmat Live

25 second read
0
0
111

जम्मू-कश्मीर में जवानों की शहादत का बदला मांग रहा है देश. साल के आखिरी दिन पुलवामा में सीआरपीएफ के ट्रेनिंग कैंप पर हमला हुआ. साथ ही LOC पर पाकिस्तान ने फायरिंग भी की. इन हमलों में कुल छह जवान शहीद हुए. सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया. लेकिन देश कह रहा है कि पाकिस्तान ऐसे सुधरने वाला नहीं है, उसका बड़ा इलाज करना होगा. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी.

साल के आखिरी दिन देश की रक्षा में 5 जवानों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए. इनमें सीआरपीएफ इंस्पेक्टर कुलदीप रॉय, हेड कांस्टेबल तुफैल अहमद, कांस्टेबल शरीफउद्दीन कांस्टेबल राजेंद्र नैन और कांस्टेबल प्रदीप पांडा शामिल थे. इन पांचों ने पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले में जान गंवाई. देश को सेना के जवान जगसीर सिंह पर भी फख्र है. 32 साल के जगसीर नौशेरा में पाकिस्तान की फायरिंग में शहीद हुए.

पुलवामा हमले की जिम्मेदारी मसूद अजहर के संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है, हमला करने वाला तीसरा आतंकी भी आज मारा गया है. पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकियों के उरी कैंप जैसे हमले को दोहराने की साजिश थी. 30 दिसंबर की आधी रात 2 बजे पुलवामा के लेथीपोरो में सीआरपीएफ ट्रेनिंग कैंप पर आतंकियों ने हमला किया. हैंड गेनेड फेंकते हुए आतंकियों ने कैंप में घुसने की कोशिश की. हमले में 5 जवान शहीद हो गए जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी मारे गए. पाकिस्तान की तरफ से कल नौशेरा और पुंछ में एलओसी पर फायरिंग भी की गई. नौशेरा की फायरिंग में सेना का एक जवान शहीद हुआ. जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल आतंकियों का सफाया कर रहे हैं उससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. इसीलिए कभी आतंकियों के जरिए तो कभी सीमा पर फायरिंग के जरिए देश को नुकसान पहुंचाने की साजिश हो रही है. साल 2017 में जम्मू कश्मीर में 215 आतंकियों को ढेर किया गया. लेकिन कभी मुठभेड़ में तो कभी छिपकर कारयाना हमले के चलते 90 जवानों की शहादत भी हुई.

आज जम्मू कश्मीर के राजौरी के दादासिनी बाल गांव में सबकी आंखें नम थीं. इसी गांव के रहने वाले सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल तुफैल अहमद आतंकी हमले में शहीद हो गए. तुफैल अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं.

पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में शहीद 5 जवानों में से एक थे तुफैल अहमद. दिलेर तुफैल ने आतंकियों का डटकर मुकाबला किया लेकिन आतंकियों की गोली का शिकार हो गए. तुफैल को सीआरपीएफ के जवानों ने सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी. वो जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दादासिनी बाला गांव के रहने वाले थे जहां उन्हें सुपुर्दे ए खाक किया गया. तुफैल के गांव वाले अंतिम विदाई के वक्त गुस्से में भी दिखे, क्योंकि ना तो कोई सांसद और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि तुफैल के परिवार से मिलने पहुंचा. उनकी पत्नी को यकीन नहीं हो रहा है कि उनका पति अब इस दुनिया में नहीं है. पत्नी का रो-रोक कर बुरा हाल है. तुफैल के पिता बेटे के अचानक दुनिया से चले जाने से लाचार हो गए हैं. देश के वीर सपूत तुफैल अहमद की शहादत को देश हमेशा याद रखेगा.

प्रदीप पांडा पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप में तैनात थे रविवार को आतंकी हमले में प्रदीप भी शहीद हो गए. ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के लीप्लोई गांव के रहने वाले प्रदीप 2006 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे. प्रदीप अपने पीछे पत्नी और एक 4 साल का बेटा छोड़ कर गए हैं. परिवार के मुताबिक दो दिन पहले ही पांडा को राष्ट्रपति की ओर से अवार्ड की जानकारी मिली लेकिन सम्मान का मेडल घर आने की पहले उनकी शहादत की खबर आ गई.

पाकिस्तान ने नौशेरा सेक्टर में भारतीय चौकी को निशाना बनाकर फायरिंग की थी. सीमा पर तैनात 32 साल के जगसीर सिंह को भी गोली लग गई. जगसीर अपने पीछे पत्नी और दो बेटी और एक बेटे को छोड़कर चले गए. परिवार में भले ही गम का माहौल है लेकिन जगसीर सिंह की शहादत पर पूरे परिवार को गर्व है. सरहद की सुरक्षा करते करते देश के नाम अपनी जान कुर्बान करने वाले जगसीर सिंह को देश सलाम कर रहा है.

Load More Related Articles
Load More By Ashish Ranjan
Load More In देश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Check Also

बिहार की बेटी कल्पना बनी आल इंडिया NEET टॉपर,राज्य में खुशी का माहौल

NEET के परिणाम सीबीएसई द्वारा घोषित किए गए हैं और 2018 NEET परिणाम cbseresults.nic.in पर च…