Home देश भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह के बयान ने अवैध घुसपैठियें मुसलमानों को चिंता में डाल दिया है

भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह के बयान ने अवैध घुसपैठियें मुसलमानों को चिंता में डाल दिया है

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असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का पहला ड्राफ्ट जारी हो गया है उसमें असम के करीब सवा तीन करोड़ लोगों में से सिर्फ 1 करोड 90 लाख लोगों के नाम हैं. अब सवाल है कि जिन लोगों के नाम इस रजिस्टर में नहीं आ पाया है उनका क्या होगा.

रजिस्टर जारी होने के बाद भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने असम सरकार की बात करते हुए कहा कि बंगाल में हमारी सरकार आयी तो वहाँ से भी अवैध बंगलादेशियो को बाहर करने का काम हमारी सरकार करेगी ,उन्होंने ट्वीट करते लिखा कि 

दरअसल उत्तर पूर्वी राज्य असम की करीब 263 किलोमीटर सीमा बांग्लादेश से लगी हुई है. यही वजह है कि असम में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुस आते हैं जो गैरकानूनी तरीके से यहीं रहने लगते हैं. ऐसे घुसपैठियों की पहचान के लिए असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई.
2011 की जनगणना के मुताबिक असम की आबादी 3.12 करोड़ हैं, जिसमें से 1.92 करोड़ हिंदू और 1.07 करोड़ मुस्लिम हैं. 2001 से 2011 के बीच असम में मुस्लिम आबादी करीब 3.3 प्रतिशत बढ़ गई है. इसी दौरान हिंदुओं की आबादी में 4.4 फीसदी की गिरावट आई

असम में घुसपैठी बांग्लादेशियों का मुद्दा काफी पुराना है. 80 के दशक में इसे लेकर एक बड़ा आंदोलन हुआ, जिसके बाद 1985 में उस वक्त की राजीव गांधी सरकार ने एक समझौता किया जिसके तहत 1971 के बाद असम में घुसने वाले बांग्लादेशियों को बाहर निकाला जाना था लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया जा सका. 2005 में मनमोहन सरकार ने असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर बनाने की बात कही, 2013 में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद ही इस काम में तेजी आयी.
असम देश का अकेला राज्य है जहां इस तरह का नागरिक रजिस्टर बनाया गया है. इससे पहले 1951 में भी वहां ऐसा रजिस्टर तैयार किया गया था, इसका सीधा मकसद है अवैध नागरिकों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर करना. नागरिक रजिस्टर के पहले ड्राफ्ट में 1 करोड़ 39 लाख लोगों के नाम छूट गए हैं. जाहिर तौर पर उनमें बड़ी संख्या में बांग्लादेशी भी होंगे.

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