Home बिहार बिहार: बीसीए से समझौता कर मोइनुलहक स्टेडियम का होगा विकास,खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी

बिहार: बीसीए से समझौता कर मोइनुलहक स्टेडियम का होगा विकास,खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी

22 second read

बीसीए से समझौता कर मोइनुलहक स्टेडियम का होगा विकास। 17 साल के बाद अब बिहार की टीम भी रणजी क्रिकेट में भाग ले सकेंगी।

बिहार : चार दिवसीय ‘बिहार एकलव्य खेल’(09 से 12 जनवरी) का पाटलिपुत्र स्पोट्र्स कम्पलेक्स, पटना में शुभारंभ करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि हाल में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के साथ मोइनुलहक स्टेडियम के विकास के लिए एमओयू साइन करेगी।

17 साल के बाद अब बिहार की टीम भी रणजी क्रिकेट में भाग ले सकेंगी। पुलिस की बहाली में खिलाड़ियों को एक प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। झारखंड बंटवारे के बाद बिहार का क्रिकेट एसोसिएशन विवाद में घिर गया था, मगर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की टीम भी रणजी मैच में भाग लेगी।

सरकार मोइनुलहक स्टेडियम को विकसित करने के लिए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के साथ समझौता करेगी। इस स्टेडियम में बिहार के लड़के उच्चस्तरीय क्रिकेट का प्रशिक्षण लें सकेंगे।

बिहार में 22 एकलव्य राज्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केन्द्र संचालित कर 370 बच्चे प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। अगले साल 17 और एकलव्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केन्द्र खोल कर एक हजार बच्चों को नामांकित करने का सरकार का लक्ष्य है। केन्द्र के बच्चों के खाने की राशि प्रतिदिन 100 रुपये से बढ़ा कर 225 रुपये,एक बार की जगह दो बार खेल किट और ड्रेस के साथ ही प्रशिक्षकों के मानदेय को 8 हजार से बढ़ा कर 30 हजार कर दिया गया है।

राजगीर में सरकार की पहल पर 633 करोड़ की लागत से स्पोट्र्स कम्पलेक्स सह स्टेडियम के निर्माण के लिए 90 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। सरकार खेल और खिलाड़ियों को बेहत्तर सुविधा और प्रोत्साहित करने के लिए सदैव तत्पर है।

Load More Related Articles
Load More By Piyush Singh
Load More In बिहार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Check Also

ए. एन. कॉलेज में दो दिवसीय इंस्पिरेशनल केमिस्ट्री कार्यशाला का आयोजन हुआ

Lokmat LIVE Desk:- माइक्रो स्केल प्रायोगिक तकनीक द्वारा कई प्रयोग किए गए जिससे कम से कम रस…