Home लोकप्रिय अगले साल के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने देश को दिए तीन बड़े तोहफे Lokmat Live

अगले साल के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने देश को दिए तीन बड़े तोहफे Lokmat Live

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लोकसभा के बड़े चुनाव अगले साल है और मोदी सरकार उसकी तयारी में जुटती दिखती है. आज उसने विदेशी निवेश के मोर्चे पर एक साथ 3 बड़े फैसले किए.

👉 लगातार घाटे में चल रही सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया में अब 49% तक विदेश निवेश किया जा सकेगा.

👉 एक ब्रांड वाले खुदरा कारोबार में अब 100 फीसदी तक विदेशी निवेश बिना सरकार की मंजूरी के हो पाएगा.

👉 रियल एस्टेट ब्रोकिंग सर्विसेस में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट दे दी गई है.

इसी महीने प्रधानमंत्री मोदी अपने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ स्विटजरलैंड के शहर दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की बैठक में जाएंगे. वहां दुनिया भर की जानी मानी कंपनियों के प्रमुख मौजूद होंगे जिन्हें मोदी संबोधित भी करेंगे. साफ है कि तब ऐसे ही फैसलों का हवाला देकर मोदी विदेशी कंपनियों को भारत आने का न्योता दे पाएंगे.

👉 एयर इंडिया पर मार्च 2017 तक करीब 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है. 2017-18 में एयर इंडिया का कुल घाटा लगभग साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए रहने के आसार हैं. इस सरकारी विमान कंपनी के घाटे को कम करने की तमाम कोशिशें बेकार हो चुकी हैं. ऐसे में अब सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए एयर इंडिया में निवेश का रास्ता खोल दिया है.

इस फैसले के मुताबिक दूसरी कंपनियों की तरह ही अब एयर इंडिया में भी विदेशी एयरलाइंस 49 फीसदी की हिस्सेदारी कर सकेंगी. लेकिन कंपनी पर नियंत्रण भारतीय मैनेजमेंट का ही होगा और 49 फीसदी विदेशी निवेश के लिए भी सरकार की मंजूरी जरूरी होगी.

एयर इंडिया पर सरकार के इस फैसले को जहां ज्यादातर जानकार सही मान रहे हैं वहीं विपक्ष सवाल उठा रहा है.

👉 किसी एक ब्रांड वाले खुदरा कारोबार में अभी 49 फीसदी विदेशी निवेश सीधे किया जा सकता है. इससे ज्यादा के विदेशी निवेश के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होती है. लेकिन अब सिंगल ब्रांड रिटेल में पूरा 100 फीसदी विदेशी निवेश बिना सरकार की मंजूरी के किया जा सकेगा. इसके साथ ही सिंगल ब्रांड रिटेल में विदेशी कंपनियों के लिए कई नियमों को आसान किया गया है. जिसका सीधा मतलब है कि भारत में कारोबार के लिए तैयार बैठी कोरस और मोनालिसा जैसी 50 से ज्यादा विदेशी कंपनियों अब यहां अपने शोरूम खोल पाएंगी. हालांकि व्यापारी सरकार के फैसले से खुश नहीं दिख रहे हैं और विपक्ष भी विरोध कर रहा है.

👉 कैबिनेट का तीसरा बड़ा फैसला रियल एस्टेट ब्रोकिंग सर्विसेज से जुड़ा है. जहां अब 100 फीसदी विदेशी निवेश की इजाजत मिल गई है. लेकिन इस क्षेत्र में आने वाली विदेशी कंपनियों को सिर्फ ब्रोकिंग का काम करने की छूट होगी. मतलब वो जमीन को खरीदने-बेचने का काम नहीं कर सकतीं.

ये फैसले न सिर्फ अर्थव्यवस्था की रफ्तार को तेज करने में मददगार साबित होंगे बल्कि अगले साल होने वाले चुनाव में भी सरकार इसका फायदा लेने की पूरी कोशिश करेगी क्योंकि विदेशी निवेश आने का सीधा मतलब है रोजगार के नए मौके.

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