Home बिहार राजद राजनीतिक पार्टी नहीं, पारिवारिक उपक्रम : सुशील मोदी

राजद राजनीतिक पार्टी नहीं, पारिवारिक उपक्रम : सुशील मोदी

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Bihar: उपमुख्यमंत्रि सुशील मोदी ने ट्वीट कर राजद की नव गठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी पर कटाक्ष किया है। मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में लालू प्रसाद ने पत्नी, बेटी और दोनों बेटों को शामिल कर डंके की चोट पर यह संदेश दोहराया कि उनकी पार्टी एक पारिवारिक उपक्रम है, इसलिए इसके नाम में लगे राष्ट्रीय और जनता शब्दों से किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।

1997 कि तरह उन्होंने फिर सारे सीनियर नेताओं को दरकिनार कर राबड़ी देवी को ही नंबर-2 बना दिया। ‘फार द फैमिली, बाई द फैमिली एंड ऑफ द फैमिली’ पार्टी से लोकतंत्र की क्या उम्मीद?

अगले ट्वीट में उपमुख्यमंत्रि ने राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी पर तंज किया है। लिखा है कि मेधा के लिए प्रसिद्ध बिहार को अब यह समझाया जा रहा है कि चरवाहा विद्यालय एक उत्तम अवधारणा थी और राजद शाशन का 15 साल शिक्षा का स्वर्णकाल था।

पटना में चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान और नालंदा में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षा केंद्र उन्हें निरर्थक लगते हैं। सन्यास तोड़ कर लालू चालीसा पढ़ने वाले लोग जेपी-लोहिया को भी भूल चुके हें।

आगे लिखा है कि लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की धरती को याद कर 12 वीं सदी के लिच्छवी गणतंत्र का उल्लेख किया और कांग्रेस के इस मिथ्या प्रचार का खंडन किया कि भारत मे लोकतंत्र नेहरू की देन है। लोकतंत्र तो सदियों से भारत की रगों में है।

देश पर आपातकाल थोपने वाली और 99 बार निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त करने वाली कांग्रेस इसका दावा किस मुंह से कर सकती है? राबड़ी सरकार में सभी विधायकों को मंत्री बनवा कर कांग्रेस लोकलाज खो चुकी है।

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