Home दुनिया दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में पीएम मोदी ने दुनिया को दिया विकास का नमो मंत्र

दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में पीएम मोदी ने दुनिया को दिया विकास का नमो मंत्र

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दुबई: दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट शुरू हो गई है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओपनिंग स्पीच से शुरू हुआ यह समारोह छठी बार हो रहा है. इसमें 26 देशों के राष्ट्रप्रमुख शामिल हो रहे हैं. इसके अलावा विभिन्न देशों के 2000 से अधिक प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं

पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बाते 

  • Stem cells और regeneration technique जैसी वैज्ञानिक उपलब्धियों ने कठिन बीमारियों के इलाज का ही नहीं, बल्कि अंग-भंग के भी उपचार का रास्ता दिखाया है।
  • मौसम के पूर्वानुमान से किसान अपनी फसल बचा और बढ़ा सकते हैं. लाखो-करोड़ो को disaster मैनेजमेंट के ज़रिये बचाया जा सका है
  • विकास का पहलू यह भी है कि पाषाण युग से औद्योगिक क्रांति के सफ़र में हज़ारों साल गुज़र गए. उसके बाद संचार क्रांति तक सिर्फ 200 वर्षों का समय लगा. और वहां से डिजिटल क्रान्ति तक फासला कुछ ही सालों में तय हो गया
  • Technology की सुलभता और उसके प्रसार ने आम आदमी का सशक्तिकरण किया है और इस empowerment को ‘मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ से बढ़ावा मिला है.

  • E-governance का ‘E’ दरअसल effective, efficient, easy, empower और equitable का पहला अक्षर है
  • तमाम तरक्की के बावजूद दुनिया से गरीबी और कुपोषण ख़त्म नहीं हुए हैं. लेकिन दूसरी ओर धन, समय और संसाधन का बड़ा हिस्सा मिसाईलों और बमों की क्षमता बढ़ाने में लग रहा है। हमें सचेत रहना होगा कि हम टेक्नोलॉजी को विकास का साधन बनाएं, विनाश का नहीं
  • कभी-कभी ऐसे लगता है कि मानव टेक्नोलॉजी को प्रकृति पर विजय का ही नहीं उस से संघर्ष का साधन बनाने की भूल कर रहा है।  इस की कीमत बहुत भारी है.

  • मानवता के भविष्य के लिए हमें प्रकृति के साथ संघर्ष नहीं, सहजीवन का रास्ता चाहिए:
  • आज के समय में इस रास्ते पर छः महत्त्वपूर्ण कदम हैं छः ‘R’: Reduce, Reuse, Recycle, Recover, Redesign और Remanufacture. यह कदम हमें जिस मंज़िल तक पहुँचायेंगे वह होगी ‘Rejoice’, यानि आनंद
  • देश में चल रहे infrastructure और दूसरे developmental कार्यक्रम की मैं खुद हर महीने विडियो कांफ्रेंस द्वारा समीक्षा करता हूँ. इसमें सभी सम्बंधित राज्य और केंद्र सरकार के मंत्रालय जुड़ते हैं.  इस समीक्षा का नाम है प्रगति, जिसका अर्थ होता है progress

  • हम  interconnected, interlinked और interdependent संसार में जी रहे हैं. बहुत हद तक हमारी समस्याएं अविभाज्य हैं और उनके समाधान भी. यह तय है कि आने वाले दशकों में विश्व के सामने जो समस्याएं आएंगी, उनका हल मिलकर निकालना होगा. और इसमें टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका रहेगी
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