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भाजपा को भारी पड़ेगा लालू फैक्टर

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आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव को दिल्ली के एम्स से जबरन रांची के रिम्स में भेजने को भाजपा भले ही अपनी जीत समझ रही हो, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल को परखें तो ये कदम भाजपा को भारी पड़ सकता है।

वास्तव में लालू प्रसाद यादव से नाराज रहे लोग भी यह मान रहे हैं कि अब उनके साथ ज्यादती हो रही है और इसमें सामान्य मानवीयता का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है।

सोशल मीडिया में लालू प्रसाद के समर्थकों ने जबरदस्त माहौल बनाया ही है, साथ ही मैदानी स्तर पर भी आरजेडी समर्थक अपने नेता की जान खतरे में भांपकर संघर्ष करने पर उतारू हो गए हैं।

तमाम प्रताड़नाओं के बावजूद लालू प्रसाद और उनका परिवार झुकने को तैयार नहीं हुआ है, और अब तो वो कांग्रेस के साथ मिलकर पूरी ताकत से भाजपा को हटाने और हराने में जुट जाएगा।

जनता दल यूनाइटेड के आरजेडी से अलग हो जाने का भी उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि अब कांग्रेस और आरजेडी दोनों को ही लड़ने और जीतने के लिए ज्यादा सीटें मिलेंगी।

पिछली बार यानी 2014 में बिहार में भाजपा ने 40 में से 31 लोकसभा सीटें जीतकर भारी सफलता पाई थी। यूपीए को 6 सीटें मिली थीं और जेडीयू को 2 सीटें मिली थीं। इस तरह से वर्तमान में एनडीए की बिहार में 33 सीटें होती हैं क्योंकि अब जेडीयू एनडीए में आ चुका है।

अब 2019 में जिस तरह से आरजेडी के पक्ष में माहौल बना है, उसे देखते हुए तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी और कांग्रेस एनडीए को कम से कम 15 से 20 सीटों का नुकसान पहुंचा सकते हैं।

15-20 सीटों का ये नुकसान एनडीए को बहुत भारी पड़ सकता है क्योंकि यह तय माना जा रहा है कि अधिकतर हिंदीभाषी राज्यों में भाजपा अपना सर्वोच्च प्रदर्शन 2014 में कर ही चुकी है और उससे आगे जाने की गुंजाइश नहीं बची है।

साथ ही ये भी माना जा रहा है कि सभी हिंदीभाषी राज्यों में भाजपा को कुछ न कुछ नुकसान ही होना है। ऐसे में भाजपा की सीटें पिछली सीटों की तुलना में गिरी से गिरी हालत में भी 75 तो कम होंगी ही।

भाजपा को अगर फिर से सरकार बनानी है तो उसे इन 75 सीटों की भरपाई कहीं न कहीं से तो करनी होगी, लेकिन अब और कोई राज्य ऐसा बचा नहीं है जहां भाजपा ऐसा करिश्मा कर सके।

संभावना तो यह भी जताई जा रही है कि बिहार में आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन कहीं एनडीए का सूपड़ा ही साफ न कर दे। अगर ऐसा होता है तो भाजपा को फौरन ही केंद्र में सत्ता दोबारा पाने का सपना देखना बंद कर देना चाहिए।

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