Home राजनीति BIG BREAKING:नरेन्द्र मोदी पेट्रोल से जीतेंगे 2019 की जंग, 54 रुपये लीटर हो सकता है दाम !

BIG BREAKING:नरेन्द्र मोदी पेट्रोल से जीतेंगे 2019 की जंग, 54 रुपये लीटर हो सकता है दाम !

22 second read
0
0
25

नरेंद्र मोदी 2019 का जंग जीत सकते हैं। बल्कि सुनिश्चित कर सकते हैं। हथियार होगा सस्ता पेट्रोल। महंगे पेट्रोल को अत्यन्त सस्ता बनाकर वह ऐसा धारदार हथियार 2019 की जंग के लिए तैयार कर सकेत हैं जिसका वार विपक्ष नहीं सह सकता। दिल्ली में जो पेट्रोल 77.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, उसे वो 53.65 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर ला सकते हैं। न ऐसी मांग किसी ने की होगी, न ऐसे तोहफे के बारे में किसी ने सोचा होगा।

53.65 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल भारत में चमत्कार के समान होगा। मगर, ऐसा मोदी सरकार करेगी कैसे? 24 मई को पेट्रोल की दिल्ली में कीमत है 77.47 रुपये प्रति लीटर, जबकि बेस प्राइस है 37.62 रुपये। बेस प्राइस में तेल कंपनियों का मुनाफा शामिल होता है। सवाल ये है कि इस बेस प्राइस में कितना प्रतिशत टैक्स होना चाहिए? केन्द्र का क्या हिस्सा होना चाहिए और राज्य का कितना?

इतिहास हो जाएगा हर दिन महंगा होता पेट्रोल।

अब देश में जीएसटी है और अगर 18 फीसदी जीएसटी केन्द्र सरकार ले, राज्य सरकारों का वैट 15 फीसदी हो, तो केन्द्र का हिस्सा बनता है 6.77 रुपया प्रति लीटर। इस हिसाब से राज्य सरकार का हिस्सा होता है 5.64 रुपया प्रति लीटर। दोनों किस्म के टैक्स को जोड़ दें तो 12.41 रुपया प्रति लीटर हो जाता है। इसे बेस प्राइस से जोड़कर दाम निकालें तो कीमत होती है ठीक 50.03 रुपये। अगर इसमें डीलर का 3.62 रुपये प्रति लीटर कमीशन जोड़ दिया जाए, तो कीमत होती है 53.65 रुपये प्रति लीटर।

अभी देश में सरकार 23.82 रुपया प्रति लीटर अधिक वसूल रही है। यह अन्याय है। इस अन्याय को खत्म करना होगा। केन्द्र और राज्य सरकारें कुल मिलाकर अभी 36.23 रुपये प्रति लीटर टैक्स वसूल रही है। यही वजह है कि हम पाकिस्तान से भी महंगा पेट्रोल बेच रहे हैं।

जाहिर है जो अवैध वसूली केन्द्र व राज्य सरकारों की आमदनी बन चुकी है उसे छोड़ना नुकसान के बराबर है और यह छोटा नहीं है। राज्य सरकारें केन्द्र से ही इसका मुआवज़ा मांगेगी। मगर, मोदी सरकार के हाथ में हैं 20 राज्य। वे राज्य सरकारों को मना सकती हैं। आम चुनाव नजदीक है। अगर एक बार वे यह कदम उठा लें तो इसे इतिहास में पेट्रोल प्राइस रिवोल्यूशन के रूप में याद किया जाएगा।

जहां तक इस लेखक का विश्वास है नरेन्द्र मोदी पेट्रोल प्राइल रिवोल्यूशन के लिए कदम जरूर बढ़ाएंगे। वे नोटबंदी की ही तरह देश को चौंकाएंगे। विरोध की जो लहर है उसे पेट्रोल से धो जाएंगे। हां, अर्थव्यवस्था को सम्भालने की जिम्मेदारी अगली सरकार को निभानी होगी। सम्भवत: पेट्रोल प्राइस रिवोल्यूशन के बाद की दूसरी सरकार नहीं आ पाएगी। यानी जिम्मेदारी मोदी सरकार की रहने वाली है।

Load More Related Articles
Load More By lokmat live desk
Load More In राजनीति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Check Also

2019 चुनाव से पहले पीएम मोदी का ‘नमो ऐप’ पर बड़ा सर्वे, अब जनता तय करेगी सांसदों और विधायको का टिकट

आम चुनाव से ठीक पहले पीएम मोदी ने जिस तरह सीधे जनता से अपने MP-MLA का रिपोर्ट कार्ड मांगा …