Home राजनीति पीएम मोदी के गढ़ से शत्रुघ्न सिन्हा की ललकार, आपातकाल पर कह दी ये बड़ी बात

पीएम मोदी के गढ़ से शत्रुघ्न सिन्हा की ललकार, आपातकाल पर कह दी ये बड़ी बात

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शत्रुघ्न सिन्हा आप की ओर से वाराणसी में आयोजित विपक्ष के जनाधिकार रैली में हुए शामिल, कहा- देश में अभी अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति, लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए विपक्ष को मजबूती के साथ बनना होगा जनता की आवाज, आप नेता संजय सिंह के साथ मंच किया शेयर, भाजपा की ओर से इमरजेंसी को लेकर देश भर में चल रहा है जागरूकता कार्यक्रम.

शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी के गढ़ में दी है चुनौती.

देश में अभी अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। कुछ ऐसा मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का। पीएम नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में आम आदमी पार्टी व अन्य विपक्षी दलों की अगुआई वाली जनाधिकार रैली में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कुछ इसी प्रकार की बात कही है। पीएम मोदी के गढ़ से ही उन्होंने अपनी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा ने इस रैली में जाने से पहले कहा कि यह किसी दल विशेष की रैली नहीं है। यह लोकतंत्र पर दिख रहे खतरे से निपटने की कवायद है। हम लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन करने वाले नेताओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं और खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस रैली में आए लोगों की भीड़ ने साबित कर दिया है कि किस प्रकार विपक्ष की एकजुटता के समर्थकों की तादाद बढ़ती जा रही है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने आप नेता संजय सिंह के साथ मंच किया शेयर.

भारतीय जनता पार्टी की ओर से देश में 43 वर्ष पहले लगाए गए आपातकाल के जरिए लोगों को कांग्रेस के कारनामों की जानकारी देने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मंगलवार को मुंबई में आपातकाल : लोकतंत्र पर आघात विषय पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी स्वयं मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस को कुर्सी जाने का डर होता है, वह देश में डर का माहौल बनाना शुरू कर देती है। इनके नेता ये कहना शुरू कर देते हैं कि देश तबाह हो रहा है और देश को हम ही बचा सकते हैं। इनके लिए मूल्य, परंपराएं, देश, संविधान कुछ मायने नहीं रखता। मोदी ने कहा कि कांग्रेस की आलोचना मात्र करने के लिए हम काला दिन नहीं मनाते। हम देश और भावी पीढ़ी को जागरूक करना चाहते हैं। हम स्वयं को भी संविधान के प्रति समर्पित रखने के लिए इसे याद करते हैं। पीएम मोदी से पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने तब की स्थिति से अब की स्थिति की तुलना कर बहस की धारा को बदलने की कोशिश की।

पीएम मोदी ने इमरजेंसी को बताया है सबसे बुरा दौर.

देश में आपातकाल 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक 21 महीने के लिए लगाया गया था। उस वक्त इंदिरा गांधी की सरकार थी। इस दौरान नागरिक अधिकारों को खत्म कर दिया गया था। इसका विरोध करने वालों को कैद कर लिया जाता था। हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा लगातार पार्टी विरोधी बातें कर रहे हैं। विपक्ष की ओर से लोकतंत्र को खतरे में लगातार बताया जा रहा है। अब भाजपा सांसद भी सुर में सुर मिलाते दिख रहे हैं। सरकार की ओर से इन मामलों में कभी भी किसी भी नेता को गिरफ्तार नहीं किया गया है। न ही शत्रुघ्न सिन्हा को अभी तक पार्टी की ओर से निलंबित किया गया है। भाजपा नेता कहते हैं कि पार्टी के भीतर लोकतंत्र किस स्तर पर है, इसको आप देख सकते हैं। पीएम मोदी भी कह चुके हैं कि हम रचनात्मक आलोचना का स्वागत करते हैं। लेकिन, अभी देश में आलोचना की जगह आरोपों ने ले लिया है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- देश में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति.

शत्रुघ्न सिन्हा ने वाराणसी की रैली में आप सांसद संजय सिंह के साथ मंच शेयर किया। इससे पहले वे यशवंत सिन्हा के कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं के साथ मंच शेयर कर चुके हैं। खुलकर राजद नेता तेजस्वी यादव का समर्थन कर रहे हैं। पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर चुके हैं। दल चाहे जो कोई हो। वाराणसी की सभा में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि भाजपा सरकार ने बहुत देर कर दी है। अब विपक्ष के वेग को कोई नहीं रोक सकता। लोग बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। अब देखना होगा कि भाजपा की ओर से उन पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया आती है।

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