Home प्रदेश सीएम योगी के इस कदम से भड़केंगे अल्पसंख्यक,पीएम मोदी की तर्ज पर टोपी पहनने से किया इंकार.

सीएम योगी के इस कदम से भड़केंगे अल्पसंख्यक,पीएम मोदी की तर्ज पर टोपी पहनने से किया इंकार.

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मगहर में कबीर की मजार पर टोपी पहनने से किया इंकार, मजार पर हाथ जोड़े, पीएम नरेंद्र मोदी इससे पहले टोपी पहनने से कर चुके हैं, योगी ने चादर चढ़ाई और कबीर पर होने वाले कार्यक्रम का किया निरीक्षण.

संत कबीर के मजार पर टोपी पहनने से इंकार करते सीएम योगी आदित्यनाथ.

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ एक फिर अल्पसंख्यकों को नाराज कर दिया है। कबीर की मजार पर पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया। मगहर स्थित इस मजार पर वहां के खादिम ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की, लेकिन योगी ने उनका हाथ पकड़कर टोपी पहनने से इनकार कर दिया। योगी के इस कदम से अल्पसंख्यक समुदाय को धक्का लगा है। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ के इस कदम से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती को फायदा मिल जाएगा।

संत कबीर अकादमी के शिलान्यास समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सीएम योगी.

सीएम योगी के इस कदम पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। वहीं, कबीर मजार के खादिम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि वे टोपी नहीं पहनते। इसके बाद उन्होंने टोपी हटा ली। योगी के कुछ देर बाद मोदी यहां पहुंचे। उन्होंने मजार पर नमन किया और चादर चढ़ाई। इससे पहले 2011 में गुजरात में नरेंद्र मोदी के साथ भी ऐसा ही वाकया हुआ था। मोदी तीन दिन के सद्भावना उपवास पर थे। इस दौरान खेड़ा से आए एक सूफी इमाम मंच पर मोदी से मिलने पहुंचे। उन्होंने जेब से टोपी निकाली और मोदी को पहनाने की कोशिश की। लेकिन मोदी ने हाथ थामकर इनकार कर दिया। बाद में इमाम ने मोदी को शॉल ओढ़ाई। उस वक्त मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

सीएम योगी ने पीएम मोदी की तर्ज पर टोपी पहनने से किया इंकार.

इस वाकये के बाद मगहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली हुई। इस रैली में पीएम नरेंद्र मोदी ने सपा व बसपा अध्यक्ष को बंगला खाली नहीं रहने के मामले पर घेरा। पीएम मोदी ने मगहर में रैली में कहा कि समाजवाद व बहुजन की बातें करने वाले सत्ता के लालची हैं। उत्तर प्रदेश में पहले जो सरकारें रहीं, उनकी अपने बंगलों में रुचि ज्यादा थी। उनका मन अपने आलीशान बंगलों में ही लगा रहता था। गरीबों के लिए मकान बनाने के मामले में वे हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहते थे। मोदी ने यहां बंगलों का जिक्र दो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती के संदर्भ में किया। अदालती आदेश के बाद दोनों ने अपने सरकारी बंगले खाली किए हैं।

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