Home देश अमित शाह के दौरे के बाद बदले बिहार के राजनैतिक परिदृश्य,40 सीट जितने का अमित शाह ने दिया मंत्र!

अमित शाह के दौरे के बाद बदले बिहार के राजनैतिक परिदृश्य,40 सीट जितने का अमित शाह ने दिया मंत्र!

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बिहार में महागठबंधन को कड़ी टक्कर देने के लिए कार्यकर्ताओं को संकल्प दिला रहे अमित शाह ने कहा- भाजपा विचारधारा वाली पार्टी, हमने पार्टी में जीत का भरोसा विकसित किया, कार्यकर्ताओं में भरा जोश, महागठबंधन पर बोला जोरदार हमला, कहा- चाणक्य ने कहा था कि जब सारे चोर इकटठा हो जाएं तो समझ लो राजा अच्छा काम कर रहा है, बूथ लेबल कमेटियों को घर-घर जाकर मोदी सरकार के कार्यों की जानकारी देने का दिया टास्क, सुबह में नीतीश कुमार के साथ नाश्ते के दौरान चर्चा हुई है, रात में डिनर पर सीटों का गणित सुलझने के संकेत हैं.

बिहार में अमित शाह के कदम पड़ने के साथ एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे का मुद्दा सुलझता दिख रहा है। अमित शाह ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए एक फुलप्रूफ प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत हर लोकसभा क्षेत्र की मैपिंग की गई है। किस दल की बढ़त संबंधित लोकसभा क्षेत्र में है। कैसे विपक्षी दल के तिलिस्म को तोड़ा जाए, इस पर चर्चा चल रही है। बिहार पहुंचे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व नीतीश कुमार के बीच प्रारंभिक दौर की बातचीत में कुछ ऐसा ही संकेत मिला है। रात के डिनर के दौरान जब दोनों नेता फिर एक साथ बैठेंगे तो निश्चित तौर पर सीटों के बंटवारे को लेकर जो खींचतान मची है, वह समाप्त हो जाएगी।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार प्रदेश के विस्तारकों के साथ बैठक की और संगठन विस्तार की समीक्षा कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संकेत दिया कि सभी 40 सीटों के बारे में सोचें। हमारी तैयारी पूरी रहनी चाहिए। अगर हमारे सहयोगी को कोई सीट मिलती है तो उसे अलग दल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। एनडीए का हर सहयोगी भाजपा का अपना ही दल माना जाना चाहिए। उनके उम्मीदवारों के लिए भी पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पण भाव से काम करना होगा। शाह ने बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि हमें यह ध्यान में रखना है कि अगर हम अपना बूथ जीतते हैं तो हम केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार को वापस लौटाने में योगदार कर रहे हैं।

अमित शाह ने पार्टी के बूथ स्तरीय पदाधिकारियों को संदेश दिया है कि वे घर-घर तक जाएं। वहां लोगों को नरेंद्र मोदी की सरकार बनवाने के लिए कोशिश करें। उन्होंने शक्ति केंद्रों के कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत की शुरुआत बिहार से हुई। बिहार से ही जय प्रकाश नारायण निकले, जिन्होंने कांग्रेसी तानाशाही को समाप्त करने के लिए अपनी लड़ाई शुरू की। वे इसमें सफल हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा अन्य दलों से अलग इसलिए है, क्योंकि हम किसी परिवार पर आधारित नहीं हैं। हम कार्यकर्ताओं वाली पार्टी है। हम विचारधारा को लेकर आगे बढ़ने वाली पार्टी हैं।

पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि अभी भाजपा का स्वर्णकाल नहीं आया है। जब तक हम केरल, बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओड़िसा व तमिलनाडु में अपनी सरकार नहीं बना लेते तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। हमारे कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हुए हैं। हमने एक-दो सीट पर जीत हासिल कर जश्न मनाया है। जमानत बचने पर हम खुश हो जाते थे। संघर्ष को हम हमेशा साथ लेकर चलते हैं। हमें अब 2019 में एक बार फिर नरेंद्र मोदी को केंद्र की सत्ता में लाने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में जिस प्रकार की नीतियां थी, उसको देखते हुए हमने नरेंद्र मोदी को गुजरात से निकालकर देश की राजनीति में लाया। हमने जीतने की आदत डाली है।

अमित शाह ने कहा, मोदी सरकार ने काम किया है.

अमित शाह ने कहा कि चार साल के शासनकाल में चार करोड़ महिलाओं को गैस का सिलेंडर दिया है। साढ़े सात करोड शौचालय बनाए हैं। कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि राहुल बाबा के परिवार के 60 साल के शासनकाल में 18 हजार गांवों तक बिजली के पोल भी नहीं पहुंचे थे। इसकी जिम्मेदारी हमने ली है। बिजली मंत्री आरके सिंह यहां बैठे हैं, हमने 2022 तक हर घर को बिजली पहुंचाएंगे। राहुल बाबा हमें बताएं कि आखिर ऐसा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने ऐसी योजना बनाई कि गरीबी हटे न हटे, गरीब जरूर खत्म करने की कोशिश की गई। अब देश की जनता राहुल जी से चार पीढ़ी का हिसाब मांग रही है। आप हमसे चार साल का हिसाब मांग रहे हैं, हमारे काम तो दिख रहे हैं

अमित शाह ने महागठबंधन पर बोला जोरदार हमला.

महागठबंधन पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि हाल में मीडिया में खूब चला। गठबंधन हो गया। महागठबंधन हो गया। अति महागठबंधन हो गया। उन्होंने कहा कि एनडीए जैसा 2014 में था, वैसा ही 2019 में भी होगा। चंद्रबाबू नायडू गए तो नीतीश कुमार आ गए। क्या कोई फर्क पड़ा। उन्होंने कहा कि 2019 में लालू जी और कांग्रेस साथ आ जाएं या उत्तर प्रदेश में अखिलेश जी या मायावती आ जाएं। जब हमारे कार्यकर्ता निकलेंगे तो उन लोगों का कुछ नहीं होने वाला। हम 50 फीसदी वोट शेयर पर काम कर रहे हैं। हमें बिहार में भी इस पर काम करना चाहिए। नीतीश कुमार के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा कि कैसे गठबंधन चलाना है, यह हमें आता है। किसी को इस गठबंधन पर शक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार दिल्ली में हमें बनानी है।

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