Home देश मोदी व शाह की रणनीति के आगे विपक्षी हो जाएंगे ढेर, ऐसे बदलेगा राजनीतिक परिदृश्य

मोदी व शाह की रणनीति के आगे विपक्षी हो जाएंगे ढेर, ऐसे बदलेगा राजनीतिक परिदृश्य

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पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव 2018 की तैयारियों में जुट गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी 2019 में चुनौतीपूर्ण होते उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से जमकर पार्टी की जमीन को मजबूत करने की कोशिश में हैं। दूसरी तरफ, अमित शाह हर राज्य का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं में जान फूंकने की कोशिश कर रहे हैं। उदासीन हो रहे भाजपा के परंपरागत वोटरों को 2019 के लिए उत्साहित बनाने और नए वोटरों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति बनाई जा रही है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष एनडीए के सहयोगी दलों को यह विश्वास दिलाने में भी कामयाब होते दिख रहे हैं कि उनकी उपयोगिता गठबंधन की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है।

पीएम नरेंद्र मोदी व अमित शाह 2019 की तैयारियों में जुट गए हैं
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों को तेज कर दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर भाजपा के दोनों बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। दोनों ने अपनी-अपनी भूमिका भी निर्धारित कर ली है। आप मान सकते हैं कि भाजपा में नरेंद्र मोदी एक ऐसे चेहरे के रूप में विकसित हुए हैं, जिसको दिखाकर स्थानीय स्तर पर हुई गलतियों को ढका जा सकता है। नरेंद्र मोदी ने इस प्रयास में कामयाब होते भी दिख रहे हैं। पहले पंजाब और फिर उत्तर प्रदेश में वे लोगों के बीच सरकारी योजनाओं को गिनाते हुए जब पूछते हैं कि इससे पहले कभी ऐसा देखा था क्या, तो पिछली सभी सरकारों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो जाता है।

मिर्जापुर में पीएम मोदी ने विपक्ष पर एक बार फिर बोला है हमला.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभाओं के जरिए अपनी बात आम लोगों तक पहुंचाने में कामयाब होते दिख रहे हैं। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष व यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी जब आखिरी बार कर्नाटक विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरी थी तो उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी अच्छे वक्ता हैं। अपनी बातों से जनता को सम्मोहित कर लेते हैं। लेकिन, बातों से पेट नहीं भरता। पीएम मोदी अब कांग्रेस नेता के बताए रास्ते पर ही चलने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने वाणसागर नहर परियोजना का लोकार्पण किया। मिर्जापुर में 100 जनऔषधि केंद्र व मेडिकल कॉलेज का भी शिलान्यास किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद पूर्वांचल का जो विकास हुआ है, उसे हर आदमी देख रहा है। परियोजना 300 करोड़ रुपए में पूरी हो सकती थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब ये 3500 करोड़ में पूरी हुई। देश में अब भी कई योजनाएं अटकी, लटकी, भटकी पड़ी हैं।

शनिवार को इससे पहले पीएम मोदी ने आजमगढ़ में 23 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था। उन्होंने कहा कि ये पूरा क्षेत्र दिव्य और अलौकिक है। विंध्य पर्वत और भागीरथी के बीच बसा ये क्षेत्र सदियों से अपार संभावनाओं का केंद्र रहा है। इन्हीं संभावनाओं को तलाशने और यहां हो रहे विकास कार्यों के बीच आज मुझे आपका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। पीएम मोदी ने इन बातों से कांग्रेस की विकास की थ्योरी को ही चुनौती दे दी है। पीएम मोदी ने रविवार को कहा भी कि इस पूरे क्षेत्र की डेढ़ लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलने जा रही है। जो लाभ अब आपको मिलने वाला है वो आपको दो दशक पहले शुरू हो जाना था। यानी दो दशक बर्बाद हो गए। पिछली सरकारों ने यहां के किसानों की चिंता नहीं की। इस प्रोजेक्ट का खाका 40 साल पहले 1978 में खींचा गया था। लेकिन वास्तव में काम शुरू होते होते 20 साल निकल गए। इसके बाद कई सरकारें आईं-गईं लेकिन इस परियोजना पर सिर्फ बातें वादे हुए।

प्रधानमंत्री ने 2014 में आपने हमें सेवा करने का मौका दिया। हमारी सरकार ने अटकी हुई, लटकी हुई और भटकी हुई परियोजनाओं को खत्म करने का काम शुरू किया तो इस योजना का भी नाम आया। इसे कृषि विकास योजना से जोड़ा गया और पूरा करने के लिए सारी ऊर्जा लगा दी। बीते सवा साल में योगी जी ने इस काम को जितनी तेजी से आगे बढ़ाया उसी का परिणाम है कि बाणसागर आपके जीवन में बदलाव लाया। जिन लोगों ने आपके लिए घड़ियाली आंसू बहाए हैं, उनसे आपको पूछना चाहिए कि देश में अधूरी पड़ी ऐसी ही कई योजनाएं उन्हें नजर क्यों नहीं आईं। पीएम मोदी का हमला सीधे-सीधे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा अध्यक्ष मायावती पर था। इस क्षेत्र को उपेक्षित करने में जिस प्रकार की भूमिका पिछली सरकारों ने निभाई, उसके जरिए पीएम मोदी ने अपना राजनीतिक गेम खेल दिया है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह विभिन्न राज्यों के दौरे के क्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को कर रहे एकजुट.
दूसरी तरफ, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के कार्यकताओं में जोश भरने के कार्य में जुटे हैं। भाजपा अध्यक्ष की हाल की तमिलनाडु, झारखंड, बिहार, तेलंगाना, गुजरात व अब मध्य प्रदेश के दौरे के दौरान कुछ ऐसा ही दिखा है। भाजपा अध्यक्ष बूथ स्तर तक की कमेटी को एक्टिवेट करने में जुट गए हैं। भाजपा अध्यक्ष का मानना है कि अगर भाजपा कार्यकर्ता प्रत्येक घर पर दस्तक देकर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की चार साल की योजनाओं के बारे में जानकारी दे तो निश्चित तौर पर यह फायदेमंद होगा। इसके अलावा वे सोशल मीडिया वोलंटियर्स को भी पार्टी की नीतियों से अवगत करा रहे हैं, ताकि विपक्ष के सोशल मीडिया वार का वे अपने तरीके से जवाब दे सकें। अमित शाह ने बिहार दौरे के समय जिस प्रकार एक दिन में सीएम नीतीश कुमार से दो बार मुलाकात की। इससे जदयू के मन में पैदा संदेह भी समाप्त हो गया। साथ ही, उन्हें लगने लगा है कि भाजपा ही है जो अपने सहयोगी दलों को पूर्ण इज्जत देती है। इस प्रकार का एहसास एनडीए को मजबूत बनाने में सहयोगी साबित हो रहा है। इससे 2019 का सफर बेहतर हो सकता है।

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